मध्य प्रदेश: भौगोलिक स्थिति, सीमाएँ और पड़ोसी राज्य – एक विस्तृत विश्लेषण
मध्य प्रदेश, जिसे भारत का 'हृदय प्रदेश' कहा जाता है, अपनी अद्वितीय भौगोलिक स्थिति के कारण भारतीय उपमहाद्वीप में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह न केवल सांस्कृतिक रूप से विविधतापूर्ण है, बल्कि सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से भी भारत के सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है।
1. प्रस्तावना: 'हृदय प्रदेश' की संकल्पना
मध्य प्रदेश की भौगोलिक अवस्थिति भारत के ठीक केंद्र में है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसकी केंद्रीय स्थिति के कारण ही इसे 'मध्य प्रदेश' नाम दिया था। यह एक पूर्णतः भू-आवेष्ठित (Landlocked) राज्य है। इसका तात्पर्य यह है कि मध्य प्रदेश की कोई भी सीमा किसी भी विदेशी देश या समुद्र तट (Ocean/Coastline) को स्पर्श नहीं करती।
मध्य प्रदेश का कुल क्षेत्रफल लगभग 3,08,245 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 9.38% है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राजस्थान के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।
2. पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा विस्तार (तालिका)
मध्य प्रदेश की सीमाएँ कुल 5 राज्यों को स्पर्श करती हैं। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ के गठन से पूर्व, मध्य प्रदेश की सीमाएँ 7 राज्यों से लगती थीं। वर्तमान स्थिति निम्नलिखित है:
| पड़ोसी राज्य | दिशा | जिलों की संख्या (लगभग) | मुख्य विशेषता |
| उत्तर प्रदेश | उत्तर एवं उत्तर-पूर्व | 13-14 | सबसे लंबी सीमा साझा करने वाला राज्य |
| राजस्थान | उत्तर-पश्चिम | 10 | क्षेत्रफल के आधार पर दूसरा बड़ा सीमावर्ती राज्य |
| महाराष्ट्र | दक्षिण | 9 | ताप्ती और नर्मदा घाटियों का संगम क्षेत्र |
| छत्तीसगढ़ | पूर्व | 7 | पूर्व में मध्य प्रदेश का ही हिस्सा था |
| गुजरात | पश्चिम | 2 | सबसे कम सीमा साझा करने वाला राज्य |
3. उत्तर प्रदेश के साथ सीमा (उत्तर दिशा)
मध्य प्रदेश की उत्तरी सीमा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के साथ लगती है। यह सीमा सबसे अधिक जिलों को स्पर्श करती है और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिले: मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और सिंगरौली।
भौगोलिक विशेषता: चंबल नदी मुरैना और भिंड जिलों में उत्तर प्रदेश के साथ एक प्राकृतिक सीमा बनाती है। यह क्षेत्र 'हॉर्सशू' (Horseshoe) के आकार का है। बुंदेलखंड का पठार दोनों राज्यों के बीच विभाजित है।
4. राजस्थान के साथ सीमा (उत्तर-पश्चिम दिशा)
राजस्थान मध्य प्रदेश के साथ एक लंबी और महत्वपूर्ण सीमा साझा करता है। यह क्षेत्र अरावली की पहाड़ियों और मालवा के पठार के मिलन बिंदु के रूप में जाना जाता है।
जिले: झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, अगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना।
विशेषता: नीमच जिला तीन ओर से राजस्थान से घिरा हुआ है। गांधी सागर बांध, जो चंबल नदी पर स्थित है, इसी सीमा क्षेत्र के करीब है।
5. महाराष्ट्र के साथ सीमा (दक्षिण दिशा)
राज्य की दक्षिणी सीमा महाराष्ट्र को स्पर्श करती है। यह क्षेत्र सतपुड़ा पर्वतमाला और दक्कन के पठार का संक्रमण क्षेत्र है।
जिले: अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट।
विशेषता: बुरहानपुर को 'दक्षिण का द्वार' कहा जाता है। यह सीमा ताप्ती नदी घाटी के समानांतर चलती है। यहाँ की मिट्टी काली और उपजाऊ है, जो कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध है।
6. छत्तीसगढ़ के साथ सीमा (पूर्वी दिशा)
मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद, इसका पूर्वी हिस्सा छत्तीसगढ़ बन गया। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के साथ सीमा मैकल पर्वत श्रेणी द्वारा निर्धारित होती है।
जिले: सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और बालाघाट।
विशेषता: अमरकंटक, जहाँ से नर्मदा और सोन नदियों का उद्गम होता है, इसी सीमा क्षेत्र के अत्यंत निकट है। यह क्षेत्र खनिज और वन संपदा से भरपूर है।
7. गुजरात के साथ सीमा (पश्चिमी दिशा)
मध्य प्रदेश की सबसे छोटी अंतरराष्ट्रीय सीमा गुजरात के साथ लगती है।
जिले: झाबुआ और अलीराजपुर।
विशेषता: यह एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है। माही नदी का प्रवाह क्षेत्र इस सीमा के करीब है।
8. सीमावर्ती जिलों की विशिष्टता (Inter-State Borders)
कुछ जिले ऐसे हैं जो दो-दो राज्यों की सीमाओं को स्पर्श करते हैं, जिन्हें 'संधि जिले' कहा जा सकता है:
मुरैना: राजस्थान और उत्तर प्रदेश।
शिवपुरी: राजस्थान और उत्तर प्रदेश।
झाबुआ: राजस्थान और गुजरात।
अलीराजपुर: गुजरात और महाराष्ट्र।
बालाघाट: महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़।
सिंगरौली: उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़।
9. मध्य प्रदेश की आंतरिक भौगोलिक विशेषताएँ
कर्क रेखा (Tropic of Cancer)
कर्क रेखा ($23.5^\circ$ उत्तरी अक्षांश) मध्य प्रदेश के बिल्कुल बीच से गुजरती है। यह राज्य के 14 जिलों को छूती है:
रतलाम, उज्जैन, शाजापुर (अब अगर-मालवा का हिस्सा), राजगढ़, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल।
मानक समय रेखा (Standard Time Line)
भारत की मानक समय रेखा ($82.5^\circ$ पूर्वी देशांतर) राज्य के एकमात्र जिले सिंगरौली से होकर गुजरती है।
10. भू-आकृतिक विभाजन (Physiographic Divisions)
मध्य प्रदेश को भौगोलिक रूप से तीन मुख्य भागों में बांटा गया है:
मध्य उच्च प्रदेश (Central Highlands): इसमें मालवा का पठार, मध्य भारत का पठार, बुंदेलखंड का पठार, रीवा-पन्ना का पठार और नर्मदा-सोन घाटी शामिल हैं।
सतपुड़ा-मैकल श्रेणी: यह दक्षिण में स्थित पर्वतमाला है।
पूर्वी पठार (बघेलखंड): यह छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ क्षेत्र है।
मध्य प्रदेश की सीमाएँ इसे भारत के सांस्कृतिक संगम का केंद्र बनाती हैं। उत्तर में गंगा-यमुना की संस्कृति, पश्चिम में राजस्थानी और गुजराती व्यापारिक संस्कृति, दक्षिण में मराठा संस्कृति और पूर्व में जनजातीय छत्तीसगढ़ी संस्कृति का प्रभाव मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में स्पष्ट दिखाई देता है। इसकी भू-आवेष्ठित स्थिति इसे रक्षा और सुरक्षा की दृष्टि से एक सुरक्षित राज्य बनाती है, वहीं नदियों का उद्गम स्थल होने के कारण यह पूरे भारत को जल संसाधन भी प्रदान करता है।
मध्य प्रदेश की सीमाओं, पड़ोसी राज्यों और भौगोलिक विशिष्टताओं का विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है। इसे विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है ताकि आप प्रत्येक पहलू को गहराई से समझ सकें।
1. पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा साझा करने वाले जिले
2. विशेष 'जंक्शन' जिले (जो दो राज्यों की सीमा को छूते हैं)
इन जिलों की स्थिति रणनीतिक और भौगोलिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
3. मध्य प्रदेश के 'अंतर्वर्ती' जिले (Inland Districts)
ये वे जिले हैं जिनकी सीमा किसी भी अन्य राज्य को स्पर्श नहीं करती (पूर्णतः राज्य के अंदर हैं):