BREAKING NEWS

Breaking News - Career Updates
📢 Latest Job & Exam Updates — CareerInformationPortal.in 🔥 Punjab PSPCL JE Electrical Admit Card 2026 Out | July 31, 2026 🔗 Check Full Details     |     🏛️ Patna High Court Assistant Recruitment 2026: Online Form Started | Last Date: 27th August 2026 🔗 Apply / Check Details     |     🔬 UPSSSC Forensic Science Laboratory Recruitment 2026: Online Form | Last Date: 17th August 2026 🔗 Apply / Check Details     |     🏦 PNB Bank Local Bank Officer (LBO) Recruitment 2026: Online Form | Last Date: 9th August 2026 🔗 Apply / Check Details     |     📚 RSSB CET 12th Level Online Form 2026 Started: Apply Now | Last Date: 23rd July 2026 🔗 Apply / Check Details     |     ✨ Stay Updated – Bookmark for Daily Sarkari Naukri Alerts. 🙏 🔗 https://www.careerinformationportal.in/

Website Search

SELF STUDY

SELF STUDY
SELF STUDY

CAREER JOB

JOB CAREER HUB
For ALL GOVT& PRIVATE JOBS

APNA CAREER

Translate

Wednesday, August 12, 2026

A solution containing two volatile liquids A and B obeys Raoult's law. Derive the expression for its total vapour pressure.

📘 Derivation of Total Vapour Pressure

🔵 Step 1: Consider a Binary Solution

Consider a solution containing two volatile liquids A and B.

Let:

  • xA = Mole fraction of A in the liquid solution
  • xB = Mole fraction of B in the liquid solution
  • PA° = Vapour pressure of pure A
  • PB° = Vapour pressure of pure B
  • PA = Partial vapour pressure of A
  • PB = Partial vapour pressure of B
Since it is a binary solution:
xA + xB = 1

🟢 Step 2: Apply Raoult's Law to A

According to Raoult's law, the partial vapour pressure of a volatile component is equal to the product of its mole fraction and vapour pressure in the pure state.

PA = xAPA°

🟠 Step 3: Apply Raoult's Law to B

PB = xBPB°

🟣 Step 4: Calculate Total Vapour Pressure

The total vapour pressure of the solution is equal to the sum of the partial vapour pressures of A and B.

Ptotal = PA + PB
Substituting the Raoult's law expressions:
Ptotal = xAPA° + xBPB°

🎬 3D-Style Molecular Animation

Both volatile liquids contribute to the vapour pressure.

A B A B A B
A contributes → PA = xAPA°

B contributes → PB = xBPB°

Total → Ptotal = PA + PB

🔴 Step 5: Expression in Terms of Number of Moles

If nA and nB are the number of moles of A and B, then:

xA = nA / (nA + nB)

xB = nB / (nA + nB)
Therefore:
Ptotal = [nAPA° + nBPB°] / [nA + nB]

✅ Final Derived Expression

Ptotal = xAPA° + xBPB°

Thus, the total vapour pressure of a binary solution of two volatile liquids is the sum of their partial vapour pressures.

🎯 Exam Formula

PA = xAPA°
PB = xBPB°

Ptotal = xAPA° + xBPB°

Explain the difference between ideal and non-ideal solutions with suitable examples.

📘 Ideal vs Non-Ideal Solutions

🔵 Step 1: Ideal Solution

An ideal solution is a solution that obeys Raoult's law over the entire range of composition and temperature.

Pi = xiPi°

In an ideal solution, the intermolecular attractions between A–A, B–B and A–B molecules are nearly equal.

ΔHmix = 0

ΔVmix = 0

Examples: Benzene + Toluene, n-Hexane + n-Heptane.

🟠 Step 2: Non-Ideal Solution

A non-ideal solution does not obey Raoult's law over the entire range of composition.

This occurs when the A–B intermolecular attractions are significantly different from A–A and B–B attractions.

Examples: Ethanol + Acetone, Chloroform + Acetone.

🟣 Step 3: Positive Deviation

When A–B attractions are weaker than A–A and B–B attractions, molecules escape more easily into the vapour phase.

Vapour pressure observed > Vapour pressure predicted by Raoult's law

This is called positive deviation.

Example: Ethanol + Acetone.

🔴 Step 4: Negative Deviation

When A–B attractions are stronger than A–A and B–B attractions, molecules escape less easily into the vapour phase.

Vapour pressure observed < Vapour pressure predicted by Raoult's law

This is called negative deviation.

Example: Chloroform + Acetone.

🎬 3D-Style Molecular Animation

Ideal solution: A–B attraction is approximately equal to A–A and B–B.

A B A B A B

📊 Step 5: Main Differences

Property Ideal Solution Non-Ideal Solution
Raoult's Law Obeys completely Shows deviation
A–B Interaction Approximately equal to A–A and B–B Different from A–A and B–B
ΔHmix Zero Non-zero
ΔVmix Zero Usually non-zero
Examples Benzene + Toluene Ethanol + Acetone

✅ Exam Summary

Ideal Solution → Raoult's Law obeyed

Non-Ideal Solution → Positive or Negative deviation

Positive deviation: A–B attraction weaker → higher vapour pressure.

Negative deviation: A–B attraction stronger → lower vapour pressure.

Competitive Exam Science Quiz 101-150

Competitive Exam Science Quiz 101-150

Competitive Exam Science Quiz – Questions 101 to 150

(A) रॉबर्ट ब्राउन
(B) पोर्टर (Porter)
(C) कैमिलो गोल्जी
(D) डी-डुवे
सही उत्तर: (B) पोर्टर (Porter)
व्याख्या: एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम की पहचान 1945 में कीथ पोर्टर और उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी। यह कोशिका के अंदर पदार्थों के परिवहन तथा प्रोटीन और लिपिड से संबंधित कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(A) स्मूथ ER (SER)
(B) रफ ER (RER)
(C) लाइसोसोम
(D) वैक्यूओल
सही उत्तर: (B) रफ ER (RER)
व्याख्या: प्रोटीन का वास्तविक संश्लेषण राइबोसोम पर होता है। RER की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, इसलिए RER प्रोटीन संश्लेषण और उनके परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(A) केंद्रक
(B) गोल्जी बॉडी (Golgi Body)
(C) माइटोकॉन्ड्रिया
(D) राइबोसोम
सही उत्तर: (B) गोल्जी बॉडी
व्याख्या: गोल्जी तंत्र प्रोटीन और अन्य पदार्थों को संशोधित, पैक और कोशिका के विभिन्न भागों तक पहुँचाने का कार्य करता है। इसलिए इसे कोशिका में आणविक यातायात का निदेशक कहा जाता है।
(A) जॉर्ज पैलेड
(B) डी-डुवे (De-Duve)
(C) रॉबर्ट हुक
(D) ऑल्टमैन
सही उत्तर: (B) डी-डुवे (De-Duve)
व्याख्या: क्रिश्चियन डी डुवे ने लाइसोसोम की खोज की। इसमें विभिन्न पाचक हाइड्रोलाइटिक एंजाइम पाए जाते हैं, इसलिए इसे सामान्यतः कोशिका की 'आत्मघाती थैली' कहा जाता है।
(A) गोल्जी बॉडी
(B) लाइसोसोम
(C) राइबोसोम
(D) क्लोरोप्लास्ट
सही उत्तर: (B) लाइसोसोम
व्याख्या: टैडपोल के वयस्क मेंढक में परिवर्तन के दौरान पूंछ का क्रमिक अवशोषण होता है। इस प्रक्रिया में लाइसोसोमल एंजाइम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
(A) प्लाज्मालेमा
(B) टोनोप्लास्ट (Tonoplast)
(C) कोशिका भित्ति
(D) परमाणु झिल्ली
सही उत्तर: (B) टोनोप्लास्ट
व्याख्या: पादप कोशिका की वैक्यूओल को घेरने वाली अर्धपारगम्य झिल्ली को टोनोप्लास्ट कहते हैं। यह वैक्यूओल के अंदर और बाहर पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।
(A) सैप वैक्यूओल
(B) कॉन्ट्रैक्टाइल वैक्यूओल
(C) फूड वैक्यूओल
(D) गैस वैक्यूओल
सही उत्तर: (B) कॉन्ट्रैक्टाइल वैक्यूओल
व्याख्या: अमीबा में कॉन्ट्रैक्टाइल वैक्यूओल अतिरिक्त जल को एकत्र करके समय-समय पर बाहर निकालता है। इस प्रकार यह परासरणीय नियमन में सहायता करता है।
(A) सी-बेंडा
(B) ऑल्टमैन (Altmann)
(C) रॉबर्ट हुक
(D) फ्लेमिंग
सही उत्तर: (B) ऑल्टमैन (Altmann)
व्याख्या: रिचर्ड ऑल्टमैन ने माइटोकॉन्ड्रिया को 'बायोप्लास्ट' नाम से वर्णित किया था। बाद में कार्ल बेंडा ने 'माइटोकॉन्ड्रिया' शब्द का प्रयोग किया।
(A) ऑक्सीसोम
(B) क्रिस्टी (Cristae)
(C) मैट्रिक्स
(D) ग्रेनम
सही उत्तर: (B) क्रिस्टी (Cristae)
व्याख्या: माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली की अंदर की ओर बनी तहों को क्रिस्टी कहते हैं। इन पर इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र और ATP निर्माण से संबंधित संरचनाएँ पाई जाती हैं।
(A) राइबोसोम
(B) ऑक्सीसोम (Oxysome) / F0-F1 कण
(C) गोल्जी बॉडी
(D) केंद्रिका
सही उत्तर: (B) ऑक्सीसोम / F0-F1 कण
व्याख्या: माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर F0-F1 कण या ऑक्सीसोम पाए जाते हैं। ATP synthase के माध्यम से ATP का निर्माण oxidative phosphorylation के दौरान होता है।
(A) अर्न्स्ट हेकल
(B) कोलीकर
(C) रॉबर्ट ब्राउन
(D) पुरकिंजे
सही उत्तर: (A) अर्न्स्ट हेकल
व्याख्या: प्लास्टिड पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण कोशिकांग हैं। इनके प्रमुख प्रकार क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट और ल्यूकोप्लास्ट हैं।
(A) क्लोरोफिल
(B) लाइकोपीन (Lycopene)
(C) कैरोटीन
(D) एंथोसायनिन
सही उत्तर: (B) लाइकोपीन
व्याख्या: लाइकोपीन एक लाल रंग का कैरोटेनॉयड पिगमेंट है। पके हुए टमाटर का लाल रंग मुख्यतः लाइकोपीन के कारण होता है।
(A) पेपकेस
(B) रूबिस्को (RUBISCO)
(C) एमाइलेज
(D) लाइपेज
सही उत्तर: (B) रूबिस्को (RUBISCO)
व्याख्या: RUBISCO का पूरा नाम Ribulose-1,5-bisphosphate carboxylase/oxygenase है। यह क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा में पाया जाता है और प्रकाश संश्लेषण के कार्बन स्थिरीकरण चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(A) माइटोकॉन्ड्रिया
(B) राइबोसोम
(C) लाइसोसोम
(D) केंद्रक
सही उत्तर: (B) राइबोसोम
व्याख्या: राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का प्रमुख स्थल है। यह mRNA के निर्देशों के अनुसार अमीनो अम्लों को जोड़कर प्रोटीन बनाता है।
(A) माइटोकॉन्ड्रिया
(B) केंद्रिका (Nucleolus)
(C) गोल्जी बॉडी
(D) साइटोप्लाज्म
सही उत्तर: (B) केंद्रिका (Nucleolus)
व्याख्या: केंद्रिका केंद्रक के अंदर स्थित होती है और rRNA के निर्माण तथा राइबोसोमल उपइकाइयों के संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(A) केवल माइक्रोट्यूब्यूल
(B) माइक्रोट्यूब्यूल और माइक्रोफिलामेंट
(C) केवल माइक्रोफिलामेंट
(D) सेल्युलोज
सही उत्तर: (B) माइक्रोट्यूब्यूल और माइक्रोफिलामेंट
व्याख्या: Cytoskeleton में मुख्यतः माइक्रोट्यूब्यूल, माइक्रोफिलामेंट और इंटरमीडिएट फिलामेंट शामिल होते हैं। यह कोशिका को आकार और आंतरिक संगठन प्रदान करता है।
(A) रॉबर्ट ब्राउन
(B) हैमर लिंग (Hammer Ling)
(C) स्ट्रॉसबर्गर
(D) फ्लेमिंग
सही उत्तर: (B) हैमर लिंग
व्याख्या: Acetabularia पर किए गए प्रयोगों से यह स्पष्ट हुआ कि केंद्रक कोशिका की आनुवंशिक गतिविधियों और विकास को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
(A) 23
(B) 46 (23 जोड़े)
(C) 44
(D) 48
सही उत्तर: (B) 46 (23 जोड़े)
व्याख्या: सामान्य मानव सोमैटिक कोशिकाओं में 46 गुणसूत्र होते हैं, जो 23 जोड़ों में व्यवस्थित होते हैं। इनमें 22 जोड़े ऑटोसोम और एक जोड़ा लैंगिक गुणसूत्र का होता है।
(A) F = v/t
(B) F = ma
(C) F = mgh
(D) F = ½mv²
सही उत्तर: (B) F = ma
व्याख्या: न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार बल वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर के बराबर होता है। स्थिर द्रव्यमान के लिए F = ma लिखा जाता है।
(A) mgh
(B) ½mv²
(C) F × d
(D) V × I
सही उत्तर: (B) ½mv²
व्याख्या: गति करती हुई वस्तु में उसकी गति के कारण जो ऊर्जा होती है उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं। इसका सूत्र KE = ½mv² है।
(A) 9.8 m/s²
(B) 6.674 × 10⁻¹¹ Nm²/kg²
(C) 3 × 10⁸ m/s
(D) 1.6 × 10⁻¹⁹ C
सही उत्तर: (B) 6.674 × 10⁻¹¹ Nm²/kg²
व्याख्या: सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक G का मान लगभग 6.674 × 10⁻¹¹ N m²/kg² है। इसका उपयोग न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम में किया जाता है।
(A) V = IR
(B) PV = nRT
(C) E = mc²
(D) F = ma
सही उत्तर: (B) PV = nRT
व्याख्या: आदर्श गैस के लिए दबाव P, आयतन V, पदार्थ की मात्रा n, गैस नियतांक R और तापमान T के बीच संबंध PV = nRT होता है।
(A) मीटर
(B) डायोप्टर (Diopter)
(C) वाट
(D) कैंडेला
सही उत्तर: (B) डायोप्टर
व्याख्या: लेंस की शक्ति P = 1/f होती है, जहाँ f मीटर में फोकस दूरी है। इसकी SI व्युत्पन्न इकाई m⁻¹ है, जिसे डायोप्टर कहा जाता है।
(A) 6.67 × 10⁻¹¹
(B) 9 × 10⁹ Nm²/C²
(C) 3 × 10⁸
(D) 1.6 × 10⁻¹⁹
सही उत्तर: (B) 9 × 10⁹ Nm²/C²
व्याख्या: निर्वात में कूलॉम नियतांक k का मान लगभग 9 × 10⁹ N m²/C² होता है। कूलॉम के नियम में दो आवेशों के बीच बल इसी स्थिरांक पर निर्भर करता है।
(A) V / R
(B) V × I
(C) I × R
(D) W × t
सही उत्तर: (B) V × I
व्याख्या: विद्युत शक्ति P = VI होती है। ओम के नियम का उपयोग करके इसे P = I²R या P = V²/R के रूप में भी लिखा जा सकता है।
(A) F = ma
(B) E = mc²
(C) KE = ½mv²
(D) PE = mgh
सही उत्तर: (B) E = mc²
व्याख्या: आइंस्टीन के विशेष सापेक्षता सिद्धांत के अनुसार द्रव्यमान और ऊर्जा परस्पर संबंधित हैं। समीकरण E = mc² इस संबंध को दर्शाता है।
(A) 8.9 m/s²
(B) 9.8 m/s²
(C) 10.2 m/s²
(D) 11.2 m/s²
सही उत्तर: (B) 9.8 m/s²
व्याख्या: पृथ्वी की सतह के पास गुरुत्वीय त्वरण का मान लगभग 9.8 m/s² माना जाता है। इसका मान स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।
(A) प्रकाश का परावर्तन
(B) प्रकाश का प्रकीर्णन
(C) प्रकाश का विवर्तन
(D) प्रकाश का अपवर्तन
सही उत्तर: (B) प्रकाश का प्रकीर्णन
व्याख्या: वायुमंडल में छोटे कण प्रकाश का प्रकीर्णन करते हैं। छोटी तरंगदैर्ध्य वाला नीला प्रकाश लाल प्रकाश की तुलना में अधिक प्रकीर्णित होता है, इसलिए आकाश नीला दिखाई देता है।
(A) केवल परावर्तन
(B) अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन
(C) केवल प्रकीर्णन
(D) केवल विवर्तन
सही उत्तर: (B)
व्याख्या: जल की बूंद में प्रवेश करते समय प्रकाश का अपवर्तन और वर्ण-विक्षेपण होता है। बूंद के अंदर आंतरिक परावर्तन तथा बाहर निकलते समय पुनः अपवर्तन होता है।
(A) विवर्तन
(B) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
(C) व्यतिकरण
(D) प्रकीर्णन
सही उत्तर: (B) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
व्याख्या: ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश कोर और क्लैडिंग के बीच पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण लंबी दूरी तक संचरित होता है।
(A) 332 m/s
(B) 0
(C) 3 × 10⁸ m/s
(D) 1500 m/s
सही उत्तर: (B) 0
व्याख्या: ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है और इसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। इसलिए निर्वात में ध्वनि का संचरण नहीं होता।
(A) 1 सेकंड
(B) 1/10 सेकंड
(C) 1/100 सेकंड
(D) 2 सेकंड
सही उत्तर: (B) 1/10 सेकंड
व्याख्या: सामान्यतः मानव कान में ध्वनि की संवेदना लगभग 0.1 सेकंड तक बनी रह सकती है। इसी कारण स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए पर्याप्त समयांतराल आवश्यक होता है।
(A) 1 से कम
(B) 1 से अधिक
(C) 5 से अधिक
(D) शून्य
सही उत्तर: (B) 1 से अधिक
व्याख्या: Mach number वस्तु की गति और माध्यम में ध्वनि की गति का अनुपात है। जब Mach number 1 से अधिक होता है, गति सुपरसोनिक कहलाती है।
(A) मैडम क्यूरी
(B) हेनरी बेकरल
(C) रदरफोर्ड
(D) नील बोहर
सही उत्तर: (B) हेनरी बेकरल
व्याख्या: हेनरी बेकरल ने 1896 में यूरेनियम लवणों से निकलने वाले विकिरण की खोज की। बाद में मैरी और पियरे क्यूरी ने रेडियोधर्मिता के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
(A) यूरेनियम डेटिंग
(B) कार्बन डेटिंग (C-14)
(C) पोटेशियम डेटिंग
(D) नाइट्रोजन डेटिंग
सही उत्तर: (B) कार्बन डेटिंग (C-14)
व्याख्या: रेडियोकार्बन डेटिंग में Carbon-14 के रेडियोधर्मी क्षय का उपयोग अपेक्षाकृत हाल के जैविक अवशेषों की आयु निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
(A) नाभिकीय संलयन
(B) अनियंत्रित नाभिकीय विखंडन
(C) नियंत्रित विखंडन
(D) रासायनिक दहन
सही उत्तर: (B) अनियंत्रित नाभिकीय विखंडन
व्याख्या: परमाणु हथियारों के ऐतिहासिक डिजाइन में तीव्र, अनियंत्रित नाभिकीय श्रृंखला अभिक्रिया का उपयोग किया गया है। यह विषय नाभिकीय भौतिकी से संबंधित है।
(A) कैडमियम
(B) भारी जल (D₂O) या ग्रेफाइट
(C) यूरेनियम
(D) बोरॉन
सही उत्तर: (B) भारी जल या ग्रेफाइट
व्याख्या: Moderator तेज न्यूट्रॉनों की गति कम करता है। भारी जल और ग्रेफाइट इसके उदाहरण हैं। इससे कुछ रिएक्टरों में विखंडन श्रृंखला को बनाए रखने की संभावना बढ़ती है।
(A) सोडियम
(B) कैडमियम या बोरॉन
(C) यूरेनियम
(D) प्लूटोनियम
सही उत्तर: (B) कैडमियम या बोरॉन
व्याख्या: नियंत्रण छड़ें न्यूट्रॉनों को अवशोषित करती हैं। कैडमियम और बोरॉन जैसे पदार्थ न्यूट्रॉन अवशोषित करने के कारण नियंत्रण प्रणाली में उपयोग किए जाते हैं।
(A) नाभिकीय विखंडन
(B) नाभिकीय संलयन
(C) गुरुत्वाकर्षण संकुचन
(D) रासायनिक अभिक्रिया
सही उत्तर: (B) नाभिकीय संलयन
व्याख्या: सूर्य जैसे तारों के केंद्र में अत्यधिक ताप और दबाव पर हल्के नाभिकों का संलयन होता है। इससे बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
(A) 500 वाट
(B) 746 वाट
(C) 1000 वाट
(D) 3600 वाट
सही उत्तर: (B) 746 वाट
व्याख्या: Mechanical horsepower का मान लगभग 746 watt होता है। विद्युत शक्ति में भी सामान्यतः 1 HP ≈ 746 W लिया जाता है।
(A) साफ मौसम
(B) वर्षा
(C) तूफान
(D) अत्यधिक गर्मी
सही उत्तर: (C) तूफान
व्याख्या: वायुदाब में तेज गिरावट अक्सर कम दबाव वाले क्षेत्र और खराब मौसम की संभावना का संकेत देती है। बहुत तेज गिरावट तूफानी परिस्थितियों से जुड़ी हो सकती है।
(A) विषुवत रेखा पर
(B) ध्रुवों पर
(C) पृथ्वी के केंद्र पर
(D) अंतरिक्ष में
सही उत्तर: (B) ध्रुवों पर
व्याख्या: पृथ्वी के घूर्णन और पृथ्वी के थोड़ा चपटा होने के कारण प्रभावी गुरुत्वीय त्वरण ध्रुवों पर विषुवत रेखा की तुलना में अधिक होता है। इसलिए समान द्रव्यमान वाले पिंड का भार ध्रुवों पर अधिक होता है।
(A) T = 2π √(g/l)
(B) T = 2π √(l/g)
(C) T = mc²
(D) T = VI
सही उत्तर: (B) T = 2π √(l/g)
व्याख्या: छोटे कोण के दोलनों के लिए सरल लोलक का आवर्तकाल T = 2π√(l/g) होता है। यहाँ l लोलक की लंबाई और g गुरुत्वीय त्वरण है।
(A) अवतल दर्पण
(B) उत्तल दर्पण
(C) समतल दर्पण
(D) बेलनाकार दर्पण
सही उत्तर: (B) उत्तल दर्पण (Convex Mirror)
व्याख्या: उत्तल दर्पण विस्तृत क्षेत्र का दृश्य प्रदान करता है और सीधा, आभासी तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है। इसलिए वाहनों के rear-view mirrors में इसका उपयोग किया जाता है।
(A) वाष्पीकरण
(B) उर्ध्वपातन
(C) संघनन
(D) गलनांक
सही उत्तर: (B) उर्ध्वपातन (Sublimation)
व्याख्या: जब कोई ठोस पदार्थ बिना द्रव अवस्था में आए सीधे गैस में बदलता है, तो इस प्रक्रिया को उर्ध्वपातन कहते हैं। कपूर और आयोडीन इसके सामान्य उदाहरण हैं।
(A) समुद्री जल का घनत्व कम होता है
(B) समुद्री जल का घनत्व अधिक होता है
(C) समुद्र में लहरें होती हैं
(D) समुद्र विशाल होता है
सही उत्तर: (B) समुद्री जल का घनत्व अधिक होता है
व्याख्या: समुद्री जल में घुले हुए लवणों के कारण उसका घनत्व स्वच्छ जल से अधिक होता है। अधिक घनत्व वाले द्रव में समान आयतन पर उत्प्लावन बल अधिक मिलता है।
(A) 2.4 km/s
(B) 11.2 km/s
(C) 7.9 km/s
(D) 15 km/s
सही उत्तर: (B) 11.2 km/s
व्याख्या: पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु को पृथ्वी के गुरुत्वीय प्रभाव से बाहर निकालने के लिए लगभग 11.2 km/s का न्यूनतम पलायन वेग आवश्यक होता है, यदि वायुमंडलीय प्रतिरोध की उपेक्षा की जाए।
(A) चारकोल
(B) ग्रेफाइट
(C) सिलिकॉन
(D) फास्फोरस
सही उत्तर: (B) ग्रेफाइट
व्याख्या: पेंसिल में 'लीड' के नाम से जाना जाने वाला पदार्थ मुख्यतः ग्रेफाइट और मिट्टी का मिश्रण होता है। ग्रेफाइट की परतें आसानी से अलग होती हैं, इसलिए यह कागज पर निशान छोड़ता है।
(A) हाइड्रोक्लोरिक एसिड
(B) एसिटिक एसिड
(C) सल्फ्यूरिक एसिड
(D) फॉर्मिक एसिड
सही उत्तर: (B) एसिटिक एसिड (Acetic Acid)
व्याख्या: सिरके में मुख्य अम्ल एसिटिक एसिड होता है। सामान्य खाद्य सिरके में इसकी सांद्रता आम तौर पर कुछ प्रतिशत होती है।
(A) न्यूटन
(B) जूल (Joule)
(C) वाट
(D) पास्कल
सही उत्तर: (B) जूल (Joule)
व्याख्या: कार्य का SI मात्रक जूल है। एक जूल वह कार्य है जो 1 न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर विस्थापित करने पर करता है।