मध्य प्रदेश को अपनी भौगोलिक संरचना और पठारी ढाल के कारण 'जलप्रपातों का राज्य' भी कहा जाता है। यहाँ की नदियाँ ऊँचे पर्वतों से गिरकर अत्यंत सुंदर जलप्रपातों का निर्माण करती हैं।
नीचे मध्य प्रदेश के प्रमुख जलप्रपातों का विस्तृत विवरण उनकी नदी और जिले के साथ दिया गया है:
1. नर्मदा नदी के प्रमुख जलप्रपात
नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की सबसे लंबी नदी है और यह अपने प्रवाह मार्ग में कई प्रसिद्ध जलप्रपात बनाती है।
| जलप्रपात | स्थान/जिला | विशेषता |
| धुआँधार | भेड़ाघाट (जबलपुर) | यहाँ नर्मदा नदी संगमरमर की चट्टानों से गिरती है, जिससे पानी के कण धुएं जैसा आभास देते हैं। |
| कपिलधारा | अमरकंटक (अनूपपुर) | नर्मदा के उद्गम स्थल से केवल 6 किमी दूर यह पहला मुख्य जलप्रपात है। |
| दुग्धधारा | अमरकंटक (अनूपपुर) | कपिलधारा के पास स्थित, इसका पानी दूध की तरह सफेद दिखाई देता है। |
| सहस्त्रधारा | महेश्वर (खरगोन) | यहाँ नदी कई छोटी धाराओं में बंटकर गिरती है। |
| मान्धाता & दर्दी | हंडिया/बड़वाह (खंडवा) | यह नर्मदा और कावेरी के संगम के पास स्थित छोटे प्रपात हैं। |
2. रीवा क्षेत्र के विशाल जलप्रपात (सबसे ऊँचे)
रीवा संभाग को 'जलप्रपातों की धरती' कहा जा सकता है, क्योंकि यहाँ राज्य के सबसे ऊँचे प्रपात स्थित हैं।
बहुती जलप्रपात (Bahuti Falls): यह वर्तमान में मध्य प्रदेश का सबसे ऊँचा जलप्रपात है। यह ओड्डा नदी (सेलर नदी की सहायक) पर रीवा जिले में स्थित है। इसकी ऊँचाई लगभग 198 मीटर है।
चचाई जलप्रपात (Chachai Falls): यह बीहड़ नदी पर स्थित है। एक समय में इसे राज्य का सबसे ऊँचा प्रपात माना जाता था (130 मीटर)। इसकी तुलना 'भारत के नियाग्रा' से की जाती थी।
केवटी जलप्रपात (Keoti Falls): यह महाना नदी (तमसा की सहायक) पर स्थित है।
पियवन जलप्रपात: यह भी रीवा जिले में स्थित एक दर्शनीय स्थल है।
3. अन्य प्रमुख नदियों के जलप्रपात
| जलप्रपात | नदी | जिला |
| पातालपानी | चोरल नदी | इंदौर (महू) |
| चूलिया | चंबल नदी | भैंसरोडगढ़ (कोटा सीमा के पास) |
| भालकुण्ड | बीना नदी | राहतगढ़ (सागर) |
| पाण्डव प्रपात | केन नदी | पन्ना |
| रनेह प्रपात | केन और खद्दर | खजुराहो (छतरपुर) |
| डचेस फॉल | - | पचमढ़ी (नर्मदापुरम) |
| बी-फॉल (Bee Fall) | - | पचमढ़ी (नर्मदापुरम) |
जलप्रपातों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
पचमढ़ी के जलप्रपात: पचमढ़ी को 'पर्यटकों का स्वर्ग' कहा जाता है। यहाँ रजत प्रपात (Silver Fall), बी-फॉल और अप्सरा विहार जैसे अत्यंत सुंदर झरने स्थित हैं।
रनेह प्रपात (Raneh Falls): इसे 'भारत का मिनी ग्रांड कैनियन' कहा जाता है क्योंकि यहाँ केन नदी रंगीन ग्रेनाइट चट्टानों के बीच से बहती है।
यूनेस्को पहचान: भेड़ाघाट (धुआँधार) को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची (Tentative List) में शामिल किया गया है।