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1. यह प्रश्नपत्र चार खंडों – क, ख, ग और घ – में विभाजित है।
2. खंड 'क' में अपठित गद्यांश एवं काव्यांश पर आधारित प्रश्न हैं — कुल 14 अंक।
3. खंड 'ख' में व्यावहारिक व्याकरण के प्रश्न हैं — कुल 16 अंक। इसमें 20 प्रश्न दिए गए हैं, जिनमें से किन्हीं 16 प्रश्नों (प्रत्येक विषय से 5 में से 4) के उत्तर देने हैं।
4. खंड 'ग' में पाठ्यपुस्तक (क्षितिज भाग-2) एवं पूरक पाठ्यपुस्तक (कृतिका भाग-2) पर आधारित प्रश्न हैं — कुल 30 अंक।
5. खंड 'घ' में रचनात्मक लेखन के प्रश्न हैं — कुल 20 अंक।
6. जहाँ आंतरिक विकल्प दिए गए हैं, वहाँ निर्देशानुसार ही उत्तर दें।
7. प्रत्येक प्रश्न के सामने उसके अंक अंकित हैं। शब्द-सीमा का विशेष ध्यान रखें।
8. उत्तर स्पष्ट, शुद्ध एवं क्रमबद्ध भाषा में लिखें।
खंड – क : अपठित बोध (कुल अंक – 14)
प्रश्न 1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 7
समय का मूल्य वही समझता है जो लक्ष्य के लिए नियमित अभ्यास करता है। कई विद्यार्थी सोचते हैं कि परीक्षा से कुछ दिन पहले पढ़ाई करके अच्छे अंक आ सकते हैं, पर वास्तविक सफलता धीरे-धीरे तैयार होती है। जब हम प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा अध्ययन करते हैं, तो विषय समझ में आता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इसके विपरीत, टालमटोल की आदत काम का बोझ बढ़ा देती है और तनाव भी।
समय-प्रबंधन का अर्थ यह नहीं कि हर मिनट को कठोरता से बाँध दिया जाए, बल्कि यह है कि हम अपनी प्राथमिकताएँ तय करें। पढ़ाई, खेल, विश्राम और परिवार—सबका संतुलन आवश्यक है। जो विद्यार्थी समय पर सोते-जागते हैं, मोबाइल का सीमित उपयोग करते हैं और एक सरल समय-सारिणी बनाते हैं, वे कम समय में अधिक प्रभावी पढ़ाई कर लेते हैं।
इसलिए सफलता का सबसे सरल मंत्र है—“आज का काम आज।” समय बचाकर हम न केवल बेहतर परिणाम पा सकते हैं, बल्कि जीवन को भी अनुशासित और शांत बना सकते हैं।
(क) बहुविकल्पीय प्रश्न3
(i) गद्यांश के अनुसार वास्तविक सफलता कैसे तैयार होती है?
(A) अचानक किस्मत से(B) धीरे-धीरे नियमित अभ्यास से(C) केवल परीक्षा से पहले पढ़कर(D) दूसरों की नकल से
(ii) टालमटोल का परिणाम क्या बताया गया है?
(A) आत्मविश्वास बढ़ना(B) काम का बोझ व तनाव बढ़ना(C) समय बढ़ जाना(D) विषय आसान लगना
(iii) समय-प्रबंधन का सही अर्थ क्या है?
(A) हर मिनट को कठोरता से बाँधना(B) प्राथमिकताएँ तय करके संतुलन रखना(C) केवल पढ़ाई करना(D) विश्राम छोड़ देना
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30–40 शब्दों में दीजिए4
(iv) लेखक के अनुसार प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ने से क्या लाभ होते हैं? 2
(v) “आज का काम आज” का संदेश अपने शब्दों में लिखिए। 2
प्रश्न 2. निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 7
चलो उठो, नए सवेरे, उम्मीदों का गीत गाएँ,
टूटे मन के आँगन में, फिर से दीप जलाएँ।
राह कठिन हो सकती है, पर कदम न रुकने पाएँ,
हिम्मत ही तो शक्ति है, जो मंज़िल तक पहुँचाए।
जो गिरकर फिर उठता है, वही जीवन को पहचानता,
संघर्षों की इस धरती पर, जीत वही तो पाता।
(क) बहुविकल्पीय प्रश्न3
(i) काव्यांश में “दीप जलाना” किसका संकेत है?
(A) निराशा का(B) आशा और सकारात्मकता का(C) आलस्य का(D) क्रोध का
(ii) “हिम्मत” को किस रूप में बताया गया है?
(A) कमजोरी(B) शक्ति जो मंज़िल तक पहुँचाती है(C) डर(D) भ्रम
(iii) काव्यांश का केंद्रीय भाव क्या है?
(A) हार मानना(B) आशा, संघर्ष और पुनः उठने की प्रेरणा(C) प्रकृति-वर्णन(D) विलास
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30–40 शब्दों में दीजिए4
(iv) “जो गिरकर फिर उठता है, वही जीवन को पहचानता” — पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। 2
(v) कवि इस काव्यांश के माध्यम से किस प्रकार की प्रेरणा देता है? 2
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खंड – ख : व्यावहारिक व्याकरण (कुल अंक – 16)
निर्देश: इस खंड में कुल 20 प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक विषय से 5 में से किन्हीं 4 प्रश्नों के उत्तर दीजिए (कुल 16 प्रश्न)।
3.1 रचना के आधार पर वाक्य भेद (5 में से 4 कीजिए) 4
(i) “जो विद्यार्थी नियमित पढ़ते हैं, वे अच्छे अंक लाते हैं।” — यह वाक्य किस भेद का उदाहरण है?
(A) सरल वाक्य(B) संयुक्त वाक्य(C) मिश्र वाक्य(D) कोई नहीं
(ii) “वह उठा और वह चल पड़ा।” — यह वाक्य किस भेद का है?
(A) सरल वाक्य(B) संयुक्त वाक्य(C) मिश्र वाक्य(D) कोई नहीं
(iii) “मेहनत करने वाले छात्र सफल होते हैं।” — इस सरल वाक्य को मिश्र वाक्य में बदलिए।
(iv) “जैसे ही बिजली गई, पंखा बंद हो गया।” — इस मिश्र वाक्य को सरल वाक्य में बदलिए।
(v) निम्नलिखित में से संयुक्त वाक्य पहचानिए:
(A) जो समय का मूल्य समझता है, वह आगे बढ़ता है(B) वह आया और उसने काम किया(C) थक जाने के कारण वह सो गया(D) वह विद्यालय गया
3.2 वाच्य (5 में से 4 कीजिए) 4
(i) “छात्रों द्वारा निबंध लिखा गया।” — यह वाक्य किस वाच्य का उदाहरण है?
(A) कर्तृवाच्य(B) कर्मवाच्य(C) भाववाच्य(D) कोई नहीं
(ii) “माँ बच्चे को दूध पिलाती है।” — इस वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए।
(iii) “उससे यह काम नहीं किया जाता।” — यह वाच्य है:
(A) कर्तृवाच्य(B) कर्मवाच्य(C) भाववाच्य(D) कोई नहीं
(iv) “कविता कवि द्वारा पढ़ी गई।” — इस वाक्य को कर्तृवाच्य में बदलिए।
(v) “मुझसे अब पढ़ा नहीं जाता।” — रेखांकित अंश किस वाच्य को दर्शाता है?
(A) कर्तृवाच्य(B) कर्मवाच्य(C) भाववाच्य(D) कोई नहीं
3.3 पद परिचय (5 में से 4 कीजिए) 4
निर्देश: रेखांकित पद का उचित पद परिचय दीजिए (जाति, लिंग, वचन, कारक/काल आदि सहित)।
(i) यह नया बैग है। — रेखांकित पद का पद परिचय दीजिए।
(ii) वह बहुत अच्छा लिखता है। — रेखांकित पद का पद परिचय दीजिए।
(iii)वे आज आए। — रेखांकित पद का पद परिचय दीजिए।
(iv) बच्चे हँस रहे हैं। — रेखांकित पद का पद परिचय दीजिए।
(v) देर होने के कारण वह नहीं आ सका। — रेखांकित पद का पद परिचय दीजिए।
3.4 अलंकार (5 में से 4 कीजिए) 4
(i) “उसकी आँखें नीलकमल के समान हैं।” — कौन-सा अलंकार है?
(A) उपमा(B) रूपक(C) उत्प्रेक्षा(D) अतिशयोक्ति
(ii) “जीवन एक समुंदर है।” — कौन-सा अलंकार है?
(A) मानवीकरण(B) रूपक(C) उत्प्रेक्षा(D) उपमा
(iii) “मैंने तुम्हें लाख बार कहा।” — कौन-सा अलंकार है?
खंड – ग : पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक (कुल अंक – 30)
4.1 क्षितिज भाग-2 — गद्य खंड 11
निम्नलिखित गद्यांश 'तताँरा-वामीरो कथा' पाठ के भाव/विषय पर आधारित है। इसे पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
कुछ समाजों में परंपराएँ पीढ़ियों तक चलती हैं। उनका उद्देश्य व्यवस्था बनाए रखना होता है, पर जब कोई परंपरा मानवता और प्रेम के मार्ग में बाधा बन जाए, तो प्रश्न उठता है कि क्या उसे बदला नहीं जाना चाहिए। समझदार समाज वही है जो परंपरा का सम्मान करते हुए समय के साथ आवश्यक परिवर्तन भी स्वीकार करे। यदि नियम कठोर होकर इंसान को दुख दें, तो वे व्यवस्था नहीं, बंधन बन जाते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न5
(i) परंपराओं का मूल उद्देश्य क्या बताया गया है?
(A) मनोरंजन(B) व्यवस्था बनाए रखना(C) व्यापार बढ़ाना(D) यात्रा कराना
(ii) परंपरा को बदलने का प्रश्न कब उठता है?
(A) जब वह मानवता और प्रेम में बाधा बने(B) जब वह सबको खुशी दे(C) जब त्योहार आए(D) जब मौसम बदले
(iii) समझदार समाज कैसा होता है?
(A) जो परिवर्तन को न माने(B) जो परंपरा का सम्मान कर आवश्यक परिवर्तन स्वीकार करे(C) जो केवल दंड दे(D) जो नियम ही न बनाए
(iv) “बंध” किसे कहा गया है?
(A) गीत को(B) कठोर नियम जो दुख दें(C) खेल को(D) यात्रा को
(v) गद्यांश का मुख्य विचार क्या है?
(A) परंपरा हमेशा सही है(B) परंपरा में मानवता व समयानुसार परिवर्तन जरूरी है(C) प्रेम महत्वहीन है(D) नियमों की जरूरत नहीं
विषयवस्तु आधारित प्रश्न (4 में से किन्हीं 3 के उत्तर लगभग 25–30 शब्दों में दीजिए)6
(vi) नियम कब “व्यवस्था” न रहकर “बंध” बन जाते हैं? 2
(vii) गद्यांश में “समय के साथ परिवर्तन” की आवश्यकता क्यों बताई गई है? 2
(viii) परंपरा और मानवता में संतुलन कैसे बनाया जा सकता है? 2
(ix) गद्यांश से मिलने वाली शिक्षा लिखिए। 2
4.2 क्षितिज भाग-2 — काव्य खंड 11
निम्नलिखित काव्यांश देशभक्ति/कर्तव्य-निष्ठा के भाव पर आधारित है। इसे पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
हम देश के प्रहरी हैं, सदा सच का साथ निभाते,
कठिन घड़ी में भी हम, पीछे कभी न हट पाते।
माँ की ममता-सी मिट्टी, हमें बुलाती हर पल,
सम्मान रहे तिरंगे का, यही हमारा संकल्प।
साथी, तुम भी साथ चलो, कर्तव्य को मत भूलो,
देश-हित के इस पथ पर, मन से साहस को झूलो।
बहुविकल्पीय प्रश्न5
(i) कवि स्वयं को किस रूप में बताता है?
(A) व्यापारी(B) देश का प्रहरी(C) कलाकार(D) यात्री
(ii) “पीछे कभी न हट पाते” का भाव है—
(A) डर(B) दृढ़ता और साहस(C) आलस्य(D) विलास
(iii) मिट्टी को “माँ की ममता” कहने से क्या भाव प्रकट होता है?
(A) तिरस्कार(B) अपनापन और प्रेम(C) भय(D) उदासी
(iv) कवि साथियों से क्या करने को कहता है?
(A) कर्तव्य भूलने को(B) साथ चलकर कर्तव्य निभाने को(C) आराम करने को(D) पीछे हटने को
(v) काव्यांश का केंद्रीय भाव है—
(A) प्रकृति-वर्णन(B) देशभक्ति और कर्तव्य-निष्ठा(C) हास्य(D) विलास
काव्यबोध आधारित प्रश्न (4 में से किन्हीं 3 के उत्तर लगभग 25–30 शब्दों में दीजिए)6
(vi) “सम्मान रहे तिरंगे का” — पंक्ति का भावार्थ लिखिए। 2
(vii) कवि किस प्रकार का संकल्प व्यक्त करता है? 2
(viii) “देश के इस पथ पर साहस” का क्या संदेश है? 2
(ix) काव्यांश से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? 2
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4.3 कृतिका भाग-2 8
निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 50–60 शब्दों में दीजिए।
(i) 'हरिहर काका' पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक ने ग्रामीण समाज की किन सच्चाइयों को दिखाया है। 4
(ii) 'माता का अंचल' पाठ के आधार पर बालक और माँ के संबंध का चित्रण कीजिए। 4
(iii) 'साना साना हाथ जोड़ि' पाठ से हमें स्थानीय संस्कृति के सम्मान की क्या शिक्षा मिलती है? 4
खंड – घ : रचनात्मक लेखन (कुल अंक – 20)
5.1 अनुच्छेद लेखन (किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में) 6
(i)स्वास्थ्य और योग — संकेत बिंदु: महत्व, लाभ, दिनचर्या, युवाओं की भूमिका।
(ii)अनुशासन का महत्व — संकेत बिंदु: अर्थ, जीवन में उपयोग, उदाहरण, लाभ।
(iii)परीक्षा-तैयारी और समय प्रबंधन — संकेत बिंदु: योजना, नियमितता, मोबाइल/ध्यान भंग, परिणाम।
5.2 पत्र लेखन (किसी एक पर लगभग 100 शब्दों में) 5
(i) विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या को पुस्तकालय में नई पुस्तकें मँगवाने हेतु अनुरोध पत्र लिखिए।
— अथवा —
अपने मित्र/मित्रा को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए एक अनौपचारिक पत्र लिखिए।
5.3 स्ववृत्त लेखन (Bio-data) अथवा ई-मेल लेखन (लगभग 80 शब्दों में) 5
(i) एक दुकान/कंपनी में 'सेल्स असिस्टेंट' पद हेतु अपना स्ववृत्त (Bio-data) तैयार कीजिए।
— अथवा —
अपने कक्षा-शिक्षक/शिक्षिका को अवकाश हेतु अनुमति माँगते हुए एक ई-मेल लिखिए।
5.4 विज्ञापन लेखन अथवा संदेश लेखन (लगभग 40 शब्दों में) 4
(i) विद्यालय में “करियर काउंसलिंग” कार्यक्रम हेतु एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
— अथवा —
अपनी माता/अभिभावक के लिए संदेश लिखिए कि आप अभ्यास-कार्य के कारण देर से लौटेंगे।
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उत्तरमाला / ANSWER KEY
खंड – क : अपठित बोध
प्रश्न 1 (गद्यांश): (i) B (ii) B (iii) B
(iv) रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ने से विषय समझ में आता है, बोझ कम लगता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। लगातार अभ्यास से याददाश्त मजबूत होती है और परीक्षा का तनाव घटता है।
(v) “आज का काम आज” का संदेश यह है कि काम टालना नहीं चाहिए। समय पर कार्य करने से अनुशासन बनता है, तनाव कम होता है और परिणाम बेहतर आते हैं।
प्रश्न 2 (काव्यांश): (i) B (ii) B (iii) B
(iv) आशय है कि गिरने/हारने के बाद भी जो व्यक्ति फिर से प्रयास करता है, वही जीवन की वास्तविक समझ रखता है; वही अनुभव से सीखकर आगे बढ़ता है।
(v) कवि आशा, साहस, संघर्ष और निरंतर प्रयास की प्रेरणा देता है। वह बताता है कि कठिनाइयों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
खंड – ख : व्यावहारिक व्याकरण
वाक्य भेद: (i) मिश्र वाक्य (ii) संयुक्त वाक्य (iii) जो छात्र मेहनत करते हैं, वे सफल होते हैं (iv) बिजली जाते ही पंखा बंद हो गया (v) B
वाच्य: (i) कर्मवाच्य (ii) बच्चे को माँ द्वारा दूध पिलाया जाता है (iii) भाववाच्य (iv) कवि ने कविता पढ़ी (v) भाववाच्य
पद परिचय (नमूना उत्तर):
(i) नया — गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, ‘बैग’ का विशेषण।
(ii) बहुत — परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण (या परिमाणवाचक अव्यय), ‘अच्छा’/क्रिया की मात्रा बताता है।
(iii) वे — पुरुषवाचक सर्वनाम, मध्यम/अन्य पुरुष (प्रसंगानुसार), बहुवचन, कर्ता कारक।
(iv) हँस रहे हैं — अकर्मक क्रिया, वर्तमानकालिक निरंतर क्रिया, बहुवचन।
(v) के कारण — हेतुवाचक संबंधबोधक अव्यय।
क्षितिज गद्य खंड: (i) B (ii) A (iii) B (iv) B (v) B
(vi) जब नियम कठोर होकर प्रेम, न्याय और मानवता पर चोट पहुँचाएँ तथा लोगों को दुख दें, तब वे व्यवस्था न रहकर बंधन बन जाते हैं।
(vii) समय और समाज बदलते रहते हैं। इसलिए परंपरा में उचित बदलाव जरूरी है ताकि नियम मानव-कल्याणकारी रहें और किसी के अधिकार/भावनाएँ न कुचली जाएँ।
(viii) परंपरा का उद्देश्य समझकर, उचित-अनुचित का विवेक रखते हुए और मानवीय भावनाओं का सम्मान करके संतुलन बनाया जा सकता है।
(ix) शिक्षा: परंपराएँ मानवता के लिए हैं; जो परंपरा दुख दे, उसे संवेदनशील बनाकर समय के अनुसार बदलना चाहिए।
क्षितिज काव्य खंड: (i) B (ii) B (iii) B (iv) B (v) B
(vi) भावार्थ: तिरंगा देश का गौरव है; हमें अपने कर्म और समर्पण से उसके सम्मान और प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहिए।
(vii) कवि देश-सेवा, सत्य के साथ और कठिन समय में भी पीछे न हटने का संकल्प व्यक्त करता है।
(viii) संदेश यह है कि देशहित के कार्य कठिन हो सकते हैं, पर साहस और कर्तव्य-निष्ठा से उन्हें पूरा करना चाहिए।
(ix) प्रेरणा: देशप्रेम, साहस, सत्य के प्रति प्रतिबद्धता और कर्तव्य को न भूलने की प्रेरणा मिलती है।
कृतिका भाग-2 (नमूना बिंदु):
(i) ग्रामीण समाज में संपत्ति-लालच, स्वार्थ, रिश्तों का टूटना और सामाजिक दबाव जैसी सच्चाइयों का चित्रण।
(ii) माँ-बेटे का संबंध ममता, सुरक्षा, अपनापन और भावनात्मक लगाव से भरा दिखता है।
(iii) यात्रा में स्थानीय संस्कृति/परंपरा का सम्मान, विनम्रता और सीखने का भाव रखना चाहिए।