मध्य प्रदेश को 'नदियों का मायका' कहा जाता है क्योंकि यहाँ से बहुत सी नदियों का उद्गम होता है। नीचे दी गई तालिका में मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियाँ: एक नज़र में
| नदी का नाम | लंबाई (कुल/MP में) | उद्गम स्थल (Origin) | समापन (Samanpan) | प्रमुख सहायक नदियाँ | विशेष तथ्य |
| नर्मदा | 1312 किमी (1077 MP) | अमरकंटक (अनूपपुर) | खंभात की खाड़ी (अरब सागर) | तवा, हिरण, शेर, शक्कर, हथनी | MP की जीवन रेखा, भारत की 5वीं बड़ी नदी। |
| चंबल | 965 किमी | जानापाव पहाड़ी (महू, इंदौर) | यमुना नदी (इटावा, UP) | क्षिप्रा, कालीसिंध, पारवती, बनास | बीहड़ों (Ravines) के लिए प्रसिद्ध। |
| सोन | 780 किमी | अमरकंटक (अनूपपुर) | गंगा नदी (पटना के पास) | जोहिला, रिहंद | दक्षिण से गंगा में मिलने वाली प्रमुख नदी। |
| ताप्ती | 724 किमी | मुल्ताई (बैतूल) | खंभात की खाड़ी (अरब सागर) | पूर्णा, गिरना, बोरी | नर्मदा के समानांतर बहती है। |
| बेत्वा | 480 किमी | कुमरा गाँव (रायसेन) | यमुना नदी (हमीरपुर, UP) | बीना, धसान, सिंध | इसे 'मध्य प्रदेश की गंगा' (प्रदूषण के आधार पर) कहते हैं। |
| क्षिप्रा | 195 किमी | काकरी बरडी (इंदौर) | चंबल नदी | खान, गंभीर | उज्जैन में इसके तट पर कुंभ मेला लगता है। |
| तवा | 172 किमी | कालीभीत पहाड़ी (महादेव पर्वत) | नर्मदा नदी | - | नर्मदा की सबसे बड़ी सहायक नदी। |
| केने (Ken) | 427 किमी | कैमूर पहाड़ियाँ (कटनी) | यमुना नदी | बेबस, सोनार | केन-बेतवा लिंक परियोजना भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। |
| सिंध | 470 किमी | सिरोंज (विदिशा) | यमुना नदी | कुंवारी, पाहुज | गुना जिले को दो भागों में विभाजित करती है। |
| कालीसिंध | 150 किमी | बागली (देवास) | चंबल नदी | - | राजस्थान में जाकर चंबल से मिलती है। |
| माही | 583 किमी | मिंडा गाँव (धार) | खंभात की खाड़ी | सोम, जाखम | यह नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है। |
| पेन्च | 197 किमी | सतपुड़ा पर्वत (छिंदवाड़ा) | कन्हान/गोदावरी तंत्र | - | पेन्च राष्ट्रीय उद्यान के बीच से गुजरती है। |
| टोंस (तमसा) | 265 किमी | कैमूर श्रेणी (सतना) | गंगा नदी | बीहड़, बेलन | इस पर प्रसिद्ध 'चचाई जलप्रपात' (बीहड़ नदी पर) स्थित है। |
महत्वपूर्ण बिंदु:
अपवाह तंत्र: मध्य प्रदेश की नदियाँ मुख्य रूप से 6 नदी तंत्रों (गंगा, नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी, माही और महानदी) का हिस्सा हैं।
नर्मदा का महत्व: यह पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे लंबी नदी है और डेल्टा के बजाय एश्चुअरी (Estuary) बनाती है।
सबसे बड़ा जलप्रपात: पहले चचाई जलप्रपात सबसे बड़ा माना जाता था, लेकिन वर्तमान आंकड़ों के अनुसार बहुती जलप्रपात (सेलर नदी, रीवा) सबसे ऊँचा है।
क्या आप किसी विशेष नदी घाटी परियोजना या इन नदियों पर स्थित जलप्रपातों (Waterfalls) की सूची देखना चाहेंगे?
मध्य प्रदेश के 52 जिलों में बहने वाली मुख्य नदियों की सूची नीचे तालिका में दी गई है। यह जानकारी आपको यह समझने में मदद करेगी कि किस जिले की जीवनरेखा कौन सी नदी है।
मध्य प्रदेश के जिले और उनमें बहने वाली प्रमुख नदियाँ
| क्र.सं. | जिला | प्रमुख नदियाँ |
| 1 | इंदौर | खान (कान्ह), सरस्वती, क्षिप्रा, चंबल, गंभीर |
| 2 | भोपाल | बेतवा, कलियासोत, हलाली |
| 3 | जबलपुर | नर्मदा, हिरण, गौर, परियट |
| 4 | ग्वालियर | स्वर्ण रेखा (विलुप्तप्राय), सांक, मुरार, सिंध |
| 5 | उज्जैन | क्षिप्रा, छोटी कालीसिंध, गंभीर |
| 6 | सागर | बेवस, धसान, सोनार, गधेरी |
| 7 | रीवा | बिछिया, बीहड़, टोंस (तमसा), महाना |
| 8 | छिंदवाड़ा | कन्हान, पेंच, कुलबेहरा, जाम |
| 9 | मुरैना | चंबल, कुंवारी, आसन |
| 10 | सतना | टोंस, मंदाकिनी (चित्रकूट), सोन |
| 11 | धार | नर्मदा, माही, चंबल, बाघिनी |
| 12 | खरगोन | नर्मदा, कुंदा, वेदा |
| 13 | भिंड | चंबल, सिंध, कुंवारी, पहुज |
| 14 | शिवपुरी | सिंध, कूनो, महुआर |
| 15 | रतलाम | चंबल, माही, मलन |
| 16 | देवास | कालीसिंध, नर्मदा, लोधनी |
| 17 | बड़वानी | नर्मदा, गोई |
| 18 | राजगढ़ | नेवज, कालीसिंध, अजनार, पारवती |
| 19 | बालाघाट | वैनगंगा, बावनथड़ी, चन्दन |
| 20 | विदिशा | बेतवा, सिंध, हलाली |
| 21 | सीहोर | नर्मदा, कोलार, सीवन, पार्वती |
| 22 | छतरपुर | केन, धसान |
| 23 | रायसेन | बेतवा, नर्मदा, बारना |
| 24 | खंडवा | नर्मदा, ताप्ती, छोटी तवा |
| 25 | गुना | सिंध, पारवती, चौपन |
| 26 | बैतूल | ताप्ती, वर्धा, माचना, बेल |
| 27 | सिवनी | वैनगंगा, पेंच, हिर्री |
| 28 | शाजापुर | चीलर, कालीसिंध, लखुंदर |
| 29 | मंदसौर | शिवना (पशुपतिनाथ मंदिर), चंबल |
| 30 | टीकमगढ़ | जामनी, बेतवा, धसान |
| 31 | नीमच | चंबल, रेतम |
| 32 | दमोह | सोनार, बेयरमा, केन |
| 33 | कटनी | केन, छोटी महानदी, कटनी नदी |
| 34 | सीधी | सोन, बनास, गोपद |
| 35 | सिंगरौली | सोन, रिहंद, काचन |
| 36 | झाबुआ | माही, अनास, सुनार |
| 37 | नरसिंहपुर | नर्मदा, शक्कर, शेर, दूधी |
| 38 | शहडोल | सोन, जोहिला, मुड़ना |
| 39 | नर्मदापुरम | नर्मदा, तवा, देनवा |
| 40 | बुरहानपुर | ताप्ती, उतावली |
| 41 | अशोकनगर | सिंध, बेतवा |
| 42 | पन्ना | केन, पतने |
| 43 | मण्डला | नर्मदा, बंजर, बुरनेर |
| 44 | दतिया | सिंध, पहुज |
| 45 | अलीराजपुर | नर्मदा, हथनी |
| 46 | श्योपुर | चंबल, कूनो, सीप |
| 47 | अनूपपुर | नर्मदा, सोन, जोहिला (तीनों का उद्गम) |
| 48 | उमरिया | जोहिला, सोन |
| 49 | हरदा | नर्मदा, अजनार, माचक |
| 50 | डिण्डौरी | नर्मदा, बुढ़नेर |
| 51 | आगर मालवा | लखुंदर, छोटी कालीसिंध |
| 52 | निवाड़ी | बेतवा, जामनी |
कुछ विशेष रोचक तथ्य:
अनूपपुर एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ से तीन प्रमुख नदियाँ (नर्मदा, सोन, जोहिला) निकलती हैं।
शिवना नदी के तट पर मंदसौर का प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है।
बेतवा नदी को बुंदेलखंड की जीवन रेखा कहा जाता है, जो टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों से होकर बहती है।
नदियों पर बने प्रमुख बांधों (Dams)
मध्य प्रदेश की नदियों पर बने प्रमुख बांध (Dams) राज्य की सिंचाई और बिजली आपूर्ति की रीढ़ हैं। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख बांधों का विवरण उनके जिले, नदी और उनसे होने वाले लाभ के साथ दिया गया है:
मध्य प्रदेश के प्रमुख बांध (Dams in MP)
| बांध का नाम | नदी | जिला | विशेष विवरण |
| इंदिरा सागर बांध | नर्मदा | खंडवा (पुनासा) | भारत का सबसे अधिक जल भंडारण (Storage) वाला बांध। |
| गांधी सागर बांध | चंबल | मंदसौर | चंबल नदी पर बना पहला और सबसे बड़ा बांध। |
| बाणसागर बांध | सोन | शहडोल (देवलोंद) | MP, UP और बिहार की संयुक्त परियोजना। |
| तवा बांध | तवा | नर्मदापुरम | MP का सबसे लंबा बांध (लगभग 1.3 किमी)। |
| बरगी बांध | नर्मदा | जबलपुर | इसे 'रानी अवंतीबाई सागर परियोजना' के नाम से भी जाना जाता है। |
| राजघाट बांध | बेतवा | अशोकनगर/ललितपुर | इसे 'रानी लक्ष्मीबाई परियोजना' कहते हैं (MP और UP की संयुक्त)। |
| ओंकारेश्वर बांध | नर्मदा | खंडवा | यहाँ 600 MW का दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट प्रस्तावित है। |
| मड़ीखेड़ा बांध | सिंध | शिवपुरी | इसे 'अटल सागर बांध' भी कहा जाता है। |
| हलाली बांध | हलाली | विदिशा/रायसेन | इसे 'सम्राट अशोक सागर' परियोजना के नाम से जाना जाता है। |
| संजय सरोवर | वैनगंगा | सिवनी | इसे 'अपर वैनगंगा' या 'भीमगढ़ बांध' भी कहते हैं (एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध)। |
| कुंडलिया बांध | कालीसिंध | राजगढ़/आगर मालवा | कालीसिंध नदी पर बना एक प्रमुख नया बांध। |
| जोबट बांध | हथनी | अलीराजपुर | इसे 'शहीद चंद्रशेखर आजाद सागर' परियोजना कहा जाता है। |
महत्वपूर्ण तथ्य:
नर्मदा घाटी परियोजना: इस परियोजना के तहत नर्मदा और उसकी सहायक नदियों पर कुल 29 बड़े, 135 मध्यम और 3000 छोटे बांध बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहला बांध: गांधी सागर बांध (1960) मध्य प्रदेश की पहली प्रमुख जल विद्युत परियोजना थी।
मिट्टी का बांध: सिवनी जिले का भीमगढ़ बांध अपनी तरह का एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी से बना बांध है।
जलप्रपात (Waterfalls) का संक्षिप्त विवरण:
नदियों की बात हो और जलप्रपात न आएं, ऐसा नहीं हो सकता। यहाँ कुछ प्रमुख जलप्रपात हैं:
कपिलधारा & दुग्धधारा: नर्मदा नदी (अनूपपुर)
धुआंधार: नर्मदा नदी (भेड़ाघाट, जबलपुर)
चचाई & बहुती: बीहड़ और सेलर नदी (रीवा)
पातालपानी: चोरल नदी (इंदौर)