पेंच राष्ट्रीय उद्यान: एक विस्तृत डिकोड (Decoded Analysis)
पेंच राष्ट्रीय उद्यान, जिसे 'इन्दिरा प्रियदर्शिनी पेंच राष्ट्रीय उद्यान' के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में फैला हुआ है और इसका कुछ हिस्सा महाराष्ट्र में भी आता है। इसे "The Land of Mowgli" के रूप में डिकोड किया जा सकता है क्योंकि रुडयार्ड किपलिंग की विश्व प्रसिद्ध कृति 'द जंगल बुक' की प्रेरणा यहीं के जंगलों से ली गई थी। यदि हम यहाँ के पारिस्थितिकी तंत्र को High CPCT (Conservation, Protection, Community, and Technology) मॉडल के तहत डिकोड करें, तो यह स्पष्ट होता है कि यहाँ का प्रबंधन आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट मेल है। पेंच का मुख्य आकर्षण यहाँ का बाघ संरक्षण है; यहाँ की प्रसिद्ध बाघिन 'कॉलरवाली' (Collarwali), जिसे 'सुपर मॉम' भी कहा जाता है, ने अकेले 29 शावकों को जन्म देकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यहाँ के वन्यजीवों को Education Decode की दृष्टि से देखें तो यह शाकाहारी जीवों के उच्चतम घनत्व (Highest Density of Herbivores) के लिए जाना जाता है, जहाँ प्रति वर्ग किलोमीटर लगभग 90.3 शाकाहारी जीव पाए जाते हैं। पेंच नदी, जो उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है, इस उद्यान की जीवन रेखा है और इसे दो बराबर भागों में विभाजित करती है।
Today News 2026 और वर्तमान अपडेट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने पेंच को कान्हा और बांधवगढ़ से जोड़ने के लिए एक भव्य "Wildlife Tourism Corridor" परियोजना शुरू की है, जिस पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साल 2026 की ताजा खबरों (Latest News) के मुताबिक, पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क और गाइड फीस में 10% की वृद्धि की गई है, जिससे प्राप्त राजस्व का उपयोग Key Education और स्थानीय समुदायों के विकास में किया जाएगा। पेंच केवल बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि दुर्लभ गिद्धों (जैसे किंग वल्चर) और 210 से अधिक पक्षी प्रजातियों के लिए भी एक सुरक्षित पनाहगाह है। यहाँ का 'टुरिया' (Turia) और 'कर्माझिरी' (Karmajhiri) प्रवेश द्वार पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के दक्षिणी छोर पर स्थित यह उद्यान न केवल जैव विविधता का केंद्र है, बल्कि यह Climate Change Mitigation और वन्यजीव गलियारों (Wildlife Corridors) के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहाँ का Decode यह है कि यह जंगल प्राचीन कहानियों (बघीरा और शेर खान) और आधुनिक संरक्षण विज्ञान का एक जीवंत दस्तावेज है।
पेंच राष्ट्रीय उद्यान: संपूर्ण डिकोड तालिका (2026 अपडेट)
| मुख्य श्रेणी | विस्तृत जानकारी और डिकोड (Decoded Information) |
| नाम और पहचान | इंदिरा प्रियदर्शनी पेंच राष्ट्रीय उद्यान (प्रसिद्ध नाम: 'मोगली लैंड')। |
| अवस्थिति (Location) | मध्य प्रदेश (सिवनी और छिंदवाड़ा जिले) तथा महाराष्ट्र का कुछ हिस्सा। |
| स्थापना एवं दर्जा | 1975 में राष्ट्रीय उद्यान; 1992-93 में भारत का 19वाँ टाइगर रिजर्व बना। |
| कुल क्षेत्रफल | लगभग 1,179 वर्ग किमी (कोर क्षेत्र: 411 वर्ग किमी)। |
| बाघों का गढ़: यहाँ बाघों का सफल प्रजनन होता है। प्रसिद्ध 'कॉलरवाली' बाघिन ने इसे वैश्विक पहचान दी। | |
| AI निगरानी (2026): पूरे पार्क में AI-सक्षम कैमरे और सेंसर लगे हैं जो अवैध शिकार को रोकने के लिए 24/7 अलर्ट भेजते हैं। | |
| स्थानीय सहभागिता: 'गोंड' जनजाति के लोगों को सफारी गाइड और 'नेचर एजुकेटर' के रूप में रोजगार दिया गया है। | |
| स्मार्ट अंडरपास (NH-44): एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, जहाँ हाईवे जंगल के ऊपर से गुजरता है और जानवर नीचे से। | |
| Education Decode | मोगली का सिद्धांत: रुडयार्ड किपलिंग की 'The Jungle Book' का आधार। यह बच्चों को खाद्य श्रृंखला (Food Chain) सिखाने का सबसे बड़ा केंद्र है। |
| Today News 2026 | E-Safari पहल: 2026 से पेंच में 50% सफारी वाहन इलेक्ट्रिक (EV) कर दिए गए हैं ताकि ध्वनि और वायु प्रदूषण कम हो। |
| शाकाहारी जीव घनत्व | यहाँ भारत में सर्वाधिक चीतल (Spotted Deer) और सांभर पाए जाते हैं (प्रति वर्ग किमी उच्चतम घनत्व)। |
| नदी एवं जल स्रोत | पेंच नदी: उद्यान के बीचों-बीच बहती है। तोतलाडोह बाँध: गर्मियों में वन्यजीवों का मुख्य जल स्रोत। |
| प्रमुख वनस्पति | साजा, बीजा, लेंडिया, पलाश और विशेष रूप से महुआ (Madhuca Indica) के पेड़। |
| मुख्य प्रवेश द्वार | टुरिया गेट (MP): सबसे लोकप्रिय। अन्य: कर्माझिरी, जमतरा और भेड़ियाझिरिया। |
| पर्यटन का समय | 15 अक्टूबर से 30 जून। (2026 अपडेट: अब नाइट सफारी बफर जोन में सीमित रूप से उपलब्ध है)। |
| कैसे पहुँचें | निकटतम हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन: नागपुर (90 किमी)। |